Mr Jollys Music Classes

To become Singer or Musician, it is necessary to have knowledge of these 10 Rhythms.

Spread the love

Rate this post
To become Singer or Musician, it necessary to have Knowledge of these 10 Rhythms

🙏🎹🇬🇧🎻🇦🇮🎼🇲🇾🥫🇱🇷🎶🇭🇲🎵🇨🇦🎤🇰🇷🎷🇳🇪🙏थ

 
🥫Friends, if you also want to become a Singer or Musician, then it is very important for you to have knowledge of vocals as well as rhythm, because there will be hardly any song in this world in which rhythm is not used, music of rhythm There is a lot of importance in music and no singer or musician can become a complete artist without knowledge of rhythm, even if he can to play any percussion instrument or not, it is very important for him to have knowledge of rhythms because rhythm is a scale or range. Staying inside which a singer has to sing any song or any musician has to compose the melody of any song, there is no song outside the rhythm, if a singer sings outside the rhythm then it is called out of Rhythm That’s why in music especially in Indian classical music, so if you are learning to sing or play anything, then you must have complete knowledge about how many Vibhag ( divisions) are there in the names of taal,(Rhythm) tali,(Clapping) khali(Sailent Sound of Rhythm ) , sam (Starting Point of Rhythm)and its dugan (Dubble Speed of Rhythm) and chogun (quadruple) four time Speed of Rhythm)  Friends, there are many rhythms in Indian classical music, which is important for you to know, but with vocal knowledge. It is not possible to learn so many rhythms at the same time, so in this post I am telling you about the main ten rhythms of Indian classical music, if you get the knowledge of these ten rhythms then it will be very beneficial for you because These das talas are special in Indian classical music and most of the songs, ghazals, bhajans, Shabad of Gurbani are in these 10 rhythms, so let us now tell you about these 10 Taal (Rhythms) in detail:-
 
 

                        🥫 Main 10 Rhythms of Indian classical Music

e Singer or Musician, it necessary to

Knowledge of 10 Rhythms
🙏🎹🇬🇧🎻🇦🇮🎼🇲🇾🥫🇱🇷🎶🇭🇲🎵🇨🇦🎤🇰🇷🎷🇳🇪🙏थ

सिंगर या संगीतकार बनाने के लिए इन 10 तालों का ज्ञान ज़रूरी है

 🥫 अगर आप भी एक गायक या संगीतकार बनना चाहते हैं तो आपको स्वर ज्ञान के साथ- साथ ताल का भी ज्ञान होना बहुत ज़रूरी है, क्योंकि इस दुनिया का शायद ही कोई ऐसा गीत होगा जिसमें ताल का इस्तेमाल ना किया गया हो,ताल का संगीत में बहुत ज्यादा महत्व है और कोई गायक या संगीतकार बिना ताल के ज्ञान के सम्पूर्ण कलाकार नहीं बन सकता उसको भले ही कोई ताल वाला वाद्य यंत्र बजाना आए नाना बजाना आए पर उसको तालों का ज्ञान होना बहुत जरूरी है क्योंकि ताल एक पैमाना या दायरा होता है जिसके अंदर रहकर ही किसी गायक को कोई भी गीत गाना पड़ता है या किसी भी संगीतकार को किसी भी गीत की धुन तैयार करनी पड़ती है,ताल से बाहर कोई भी गीत नहीं होता है अगर कोई गायक ताल से बाहर गाता है तो उसे बेताला कहा जाता है इसीलिए संगीत में खासकर भारतीय शात्रीय संगीत में स्वर का इसलिए अगर आप गायन या वादन कुछ भी सीख रहे हैं तो आपको तालों के नाम कितने विभाग हैं उसमें ताली, खाली, सम और उसकी दुगन और चौगुन के बारे में सम्पूर्ण ज्ञान होना ही चाहिए,दोस्तो भारतीय शत्रीय संगीत में काफी सारी तालें हैं जिनका ज्ञान होना आपके लिए ज़रूरी है लेकिन स्वर ज्ञान के साथ- साथ इतनी तालें सीखना भी संभव नहीं है, तो इसलिए इस पोस्ट में मैं आपको भारतीय शात्रीय संगीत की मुख्य दस तालों के बारे में बता रहा हूं, अगर  इन दस तालों का ज्ञान प्राप्त कर लेते हैं तो आपके लिए ये बहुत फाईदेमंद होगा क्योंकि ये दास तालें भारतीय शत्रीय संगीत में खा़स हैं और ज्यादातर गीत, गज़ल, भजन, गुरबाणी के शब्द इन्हीं दस तालों में
होते हैं,तो चलिए अब विस्तार से आपको इन दस तालों के बारे में बताते हैं:-
 

 भारतीय शास्त्रीय संगीत की मुख्य 10 तालें 

Note:–Click on the image of Your favourite and Best Quality instrument to Purchase

Spread the love
Exit mobile version