Mr Jollys Music Classes

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Singing Tips

How to become a Good Singer or Musian

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How to become a good singer or Musician

English:-

Friends,whenever someone starts learning music, then a question definitely comes in his mind,that what do we have to learn to become a singer or how can we become a good singer? After that you watch videos on YouTube, someone tells that  You will have to learn the raga, someone tells you, someone will have to learn the ornaments, some murki, mead.  Khatka tells about Aalap, what are all this, I will tell you about them in detail in my upcoming post and video. In today’s post, we will talk about what time you will have to learn so that you can make more of yourself.  You can become a good singer or musician without wasting time.And if you prepare the right thing at the right time, then you will not be bothered at all while learning music, which subject to learn, at what time, so now let us tell you that you should learn music.  How to start learning and what will be learned step by step at what time? 

 (1) Knowledge of Harmonium:-

First of all, you should know about Harmonium, what are the types of Harmonium? For your information, let us tell you how many types of Harmonium are there, Basmel, Mail, Coupler, Folding, which is Basmale Harmonium.  It is for the male singer and the matching is for the lady singer and you can easily take it anywhere in any way which is folding, and the coupler in it the double voices play.
 

(2) Knowledge of Notes:–

 After that you should have knowledge of swaras that how many swaras are there in music, how many are pure, how many are soft and how many are intense,
 

(3) Ornaments (Alankaar)

 After that you have to learn ornaments.  By the way, in the beginning you can learn 20-25 ornaments.  But the more ornaments you learn, the more you will benefit.
 
 
 
Note:-You can also Visit and Subscribe to My YouTube channelMr.Jollys Music Classes to See Knowledgeful Videos of Theory and Paractical related to Music,
 
 
 

 

(4) Bhajans, Songs,Chords:–

 After learning Alankar, you have to learn small bhajans, songs, ghazals etc. and then learn some chords.
 

(5) Raga,Taan,Aalaap:–

 After that you have to learn ragas. What is special in ragas, which is important for you to learn, they also tell you, first you have to learn the restrictions of ragas, like small khayal, big khayal, after that you have to know the definitions of ragas  Knowledge has to be obtained about which raga belongs to which thaat, what is its main notes what is its conversational tone, what are the main vocals in it, what is its hold, what is its singing time, with it  Along with this, you also have to get knowledge about its tana, boltaan and its aalap. Along with this, you should also know about the main 10 thaats of Indian classical music, 

(6) Nagma,Tarana, Lehra:–

 After that, if you want, you can learn some Nagme, Tarane and Lehra. Along with that, you should also know the notation of any song, bhajan or ghazal, how to make it?
 
 
 

 

 

(7) Knowledge of Rhythms:–

 After that you also have to get the knowledge of the rhythm, which rhythm is of how much quantity, how many divisions it has, where is the clap, where is it empty?
 

(8) Qualities and Demerits of Singer or Musician

 Apart from this, what are the qualities and demerits a singer and player should have.  You should also be aware of that so that you make minimum mistakes in your music life.
 
 

Note :–

Note: – There may be mistakes in translation, so if you do not understand anything, then comment me (English, Hindi or Punjabi), no matter which country you are from, I will try my best to answer your comment, and in future I will try to improve these mistakes too — Kulwinder Jolly {Mr.Jolly}

 
 
 
 

 

अच्छे गायक या संगीतकार कैसे बनें ?

 
दोस्तो जब भी कोई संगीत सीखना शुरू करता है तो उसके मन में एक सवाल जरूर आता है कि सिंगर बनने के लिए हमें क्या क्या सीखना होगा या हम एक अच्छे सिंगर कैसे बन सकते हैं?उसके बाद आप यूट्यूब पर वीडियो देखते हो कोई बताता है कि आपको राग सीखने पड़ेंगे कोई बताता है, अलंकार सीखने पड़ेंगे कोई मुर्की, मीड. खटका, आलाप के बारे में बताता है यह सब क्या होते हैं, मैं इनके बारे में आपको डिटेल से अपनी आने वाली पोस्ट और वीडियो में बताऊंगा।आज की इस पोस्ट में हम बात करेंगे कि आपको किस वक्त क्या चीज सीखनी पड़ेगी ताकि आप अपना ज्यादा समय ना खराब करते हुए एक अच्छे गायक या संगीतकार बन सकें.और आप सही वक्त पर सही चीज की तैयारी करें तो आप संगीत सीखते वक्त बिल्कुल परेशान नहीं होंगे कि किस सब्जेक्ट को, किस वक्त सीखना है तो चलिए अब आपको बताते हैं कि आपको संगीत सीखने की शुरुआत कैसे करनी होगी और स्टेप बाय स्टेप किस वक्त क्या चीज सीखनी पड़ेगी?

 

 सबसे पहले तो आपको हरमोनियम के बारे में जानकारी होनी चाहिए कि हरमोनियम कितने प्रकार के होते हैं?आपकी जानकारी के लिए हम बता दें कि हरमोनीयम कितने प्रकार के होते हैं, बासमेल,मेल,कपलर, फोल्डिंग, जो बासमेल हरमोनियम होता है। वह पुरष सिंगर के लिए होता है और जो मेल होता है वह लेडी सिंगर के लिए होता है और जो फोल्डिंग होता है उसको आप किसी भी तरह आसानी से कहीं भी ले जा सकते हैं और जो  कपलर होता है, उसमें डब्बल स्वर  बजते हैं।
 उसके बाद आपको स्वरों का ज्ञान होना चाहिए के संगीत में कुल कितने स्वर होते हैं, कितने शुद्ध होते हैं, कितने कोमल होते हैं और कितने तीव्र होते हैं,
 उसके बाद आपको अलंकार सीखने पड़ते हैं। वैसे तो शुरुआत में आप 20-25 अलंकार सीख सकते हैं। लेकिन आप जितने ज्यादा अलंकार सीखेंगे, आपको उतना ही ज्यादा फायदा होगा।
 अलंकार सीखने के बाद आपको छोटे-मोटे भजन, गीत, गजल वगैरह सीखने पड़ते हैं और उसके बाद कुछ chords भी सीखने पड़ते हैं।
 उसके बाद आपको राग सीखने पड़ते हैं।रागों में क्या क्या खास है जो सीखना आपके लिए जरूरी है, वह भी आपको बता देते हैं,सबसे पहले आपको रागों की बंदिशें सीखनी पड़ती हैं,जैसे कि छोटा ख्याल बड़ा ख्याल उसके बाद आपको रागों की परिभाषाओं के बारे में ज्ञान प्राप्त करना पड़ता है कि कौन सा राग किस थाठ का है उसका वादी स्वर कौन सा है उसका संवादी स्वर कौन सा है उसमें मुख्य स्वर कौन से लग रहे हैं, उसकी पकड़ क्या है, उसका गायन समय क्या है,उसके साथ -साथ उसकी तानें, बोलतानें और उसके आलाप के बारे में भी आपको ज्ञान प्राप्त करना पड़ता है।इसके साथ-साथ आपको इंडियन क्लासिकल म्यूजिक के जो मेन 10 थाट है, उनके बारे में भी पता होना चाहिए,

 

 उसके बाद अगर आप चाहे तो कुछ नगमे,तराने और लहरे भी सीख सकते हैं।उसके साथ-साथ आपको किसी भी गीत, भजन या ग़ज़ल की नोटेशन की जानकारी भी होनी चाहिए कि उसको कैसे बनाते हैं?

 उसके बाद आपको ताल का भी ज्ञान प्राप्त करना होता है कि कौन सी ताल कितनी मात्रा की है, उसके कितने विभाग हैं कहां पर ताली है कहां पर खाली है?

 

 इसके इलावा एक गायक और वादक में क्या-क्या गुण और अवगुण होने चाहिए। उसके बारे में भी आपको पता होना चाहिए ताकि आप अपने संगीत के जीवन में कम से कम गलतियां करें।
 
 

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Hello friends, My Name is Kulwinder Jolly (Mr.jolly) I am a Youtuber and Writer.

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